बच्चेदानी का मुंह कैसे बंद हो जाता है? - bachchedaanee ka munh kaise band ho jaata hai?

 क्या आपकी बच्चेदानी के नली ब्लॉक है ? तो आपनाएं आयुर्वेदिक उपचार 

आज की आधुनिक जीवनशैली में हर कोई इतना व्यस्त है। कि उसे अपने लिए समय निकाल पाना बड़ा मुश्किल हो रहा है। आज हर कोई संतुलित जीवनशैली से दूर होता जा रहा है । जिसका परिणाम महिला एवं पुरुष से यौन जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। 

ज्यादातर युवा वर्ग मोबाइल, लैपटॉप एवं सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक समय व्यातीत करते है। जिससे उनकी जीवनशैल असंतुलित एवं गतिहीन होती जा रही है। शारीरिक कार्य कम होने के कारण बहुत पाचन तंत्र से संबंधित बहुत सारी दिक्कते आने लगती है । असंतुलित जीवनशैली से महिला प्रजनन स्वास्थ्य को जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। प्रोसेस्ड किए पैकेट में बंद खाद्य पदार्थ ,लगातार बैठकर काम करना, तम्बाकू एवं शराब जैसे मादक पदार्थों का सेवन और पोषण रहित खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शारीरिक क्रियाकलापों (physical activities) में कमी लाते है। 

महिलाओं में कंसीव न कर पाने का बहुत बड़ा कारण होता है, बच्चेदानी की नली का ब्लॉक होना। यदि किसी महिला की ट्यूब किसी कारण से बंद हो जाती है या फिर उसमें किसी भी प्रकार की रुकावट आ जाती है। तो प्रेगनेंसी में बहुत बड़ी समस्या होती है। बच्चेदानी की रुकावट गर्धाधरण के जोखिक का प्रमुख कारण माना जाता है। 

प्रेगनेंसी के लिए बच्चेदानी ट्यूब की क्या भूमिका होती है ? pregnancy ke liye bachchedani tube ki kya bhoomika hoti hai in Hindi 

फैलोपियन ट्यूब को अक्सर लोग बच्चेदानी की ट्यूब के नाम से भी जानते है। इस ट्यूब का मुख्य कार्य होता है। अंडाशय (ओवरी) में बने अंडे को गर्भाशय तक पहुचना। यह ट्यूब बच्चेदानी के दोनो किनारों से जूड़ी होती है। जब कोई महिला ओवुलेशन के दौरान अंडा रिलीज करती है । तो उसे इसी ट्यूब के रास्ते से शुक्राणु से मिलकर गर्भाशय तक पहुंचना होता है। 

इसलिए यदि इस फैलोपियन ट्यूब में किसी भी प्रकार की कोई रुकावट या फिर संक्रमम हो जाता है। तो यह बंद हो जाती है जिससे फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया पूर्ण नही हो पाती है और प्रेगनेंसी में दिक्कते आने लगती है। करीबन 40% महिलाओं में बच्चा न होने के प्रमुख कारण ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब होती है। इनफर्टिलिटी की भी मुख्य वजह ट्यूब ब्लॉकेज को ही माना जाता है। 

बच्चेदानी की नली ब्लॉक होने के कारण ? bachchedani ki nali block hone ke kaaran in Hindi

बच्चेदानी की नली बंद होने के कई कारण होते है। हमने शुरु में भी कुछ ऐसी बताई है जो आपकी जीवनशैली से जुड़ी है। इस कारण से भी बच्चेदानी का मुंह बंद हो जाता है। इसके अलावा भी और भी कुछ ऐसे कारण है जो फैलोपियन ट्यूब को बंद कर देते है। 

  1. संक्रमण बच्चेदानी में रुकावट की मुख्य वजह होती है। पेल्विक इंफ्लेमेट्री डिजीज होने से फैलोपियन ट्यूब अवरुद्ध हो जाती है। इसी बीमारी के कारण हाइड्रोसालपिनक्स व स्कारिंग होने का खतरा रहता है। 
  2. संबंध बनाने के दौरान ट्रांसमिटेड संक्रमण के कारण गौनोरिया एवं क्लैमाइडिया जैसे रोग की वजह से ट्यूब बंद हो जाती है। 
  3. पैल्विक सूजन के कारण फैलोपियन ट्यूब के बंद होने के चांस बढ़ जाते है। 
  4. फाइब्रॉइड के कारण बच्चेदानी का मुंह बंद हो जाता है। क्योंकि यह यूट्रस से जुड़े होते है। 
  5. ऐक्टोपिक गर्भावस्था के कारण फैलोपियन ट्यूब में रुकावट आ जाती है। यह फैलोपियन ट्यूब के लिए सबसे ज्यादा खतरा पैदा कर सकती है। इस स्थिति में भ्रूण गर्भाशय में न स्थापित होकर वह फैलोपिनय ट्यूब में हो विकसित होने लगता है। यदि समय पर इसका उपचार न किया गया तो ट्यूब को गंभीर क्षति की संभावना हो सकती है। 
  6. हार्मोन के असंतुलित हो जाने के कारण भी फैलोपियन ट्यूब बंद हो जाती है। 
  7. कभी-कभी अपेंडिस्क की बीमारी के चलते महिलाओं के फैलोपियन ट्यूब में रुकावट देखने को मिलती है। 
  8. यदि किसी महिला को टीबी जैसी संक्रमण बीमारी है । तो इसका सीधा असर महिला की ट्यूब पर पड़ता है। इससे फैलोपियन ट्यूब में ब्लॉकेज की संभावना बढ़ जाती है। 

बच्चेदानी की नली खोलने के आयुर्वेदिक उपचार - 

आयुर्वेद में फैलोपियन ट्यूब को खोलने के लिए सबसे पहले औषधियों का प्रयोग किया जाता है । जो इस ट्यूब में भरे अपशिष्ट द्रव्य (पानी) को सुखाने का कार्य करती है। इसके बाद इस द्रव्य के द्वारा ट्यूब में जो डैमेज (खराबी) हुई है। उसको पंचकर्म की उत्तर बस्ती चिकित्सा के द्वारा रिकवर किया जाता है। इस थेरेपी के द्वारा पुनः महिला के ट्यब हे्लदी कंडीशन में वापस आ जाती है। 

ट्यूब स्वस्थ होने पर जब महिला एवं पुरुष ट्राई करते है । तो बहुत ही आसानी के साथ कंसीव कर लेते है। यदि ट्यूबल ब्लॉकेज के साथ हाइड्रोसालपिंक्स भी है । तो भी उत्तर बस्ती से उसको रिकवर किया जाता है। नेचुरल प्रेगनेंसी की लिए आयुर्वेद चिकित्सा बेहतरीन उपचार है।

बच्चेदानी का मुंह बंद कैसे करें?

बच्‍चेदानी के मुंह को गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) कहा जाता है। योनि और गर्भाशय के बीच मौजूद और इन्‍हें जोड़ने वाली नली को गर्भाशय ग्रीवा कहा जाता है। सर्विक्‍स का मुंह हल्‍का सा खुला होता है जो कि गर्भावस्‍था के शुरुआती समय में गाढ़े और चिपचिपे म्‍यूकस से बंद हो जाता है।

बच्चेदानी का मुंह कितने दिन में बंद होता है?

​लेबर के दौरान बच्‍चेदानी का मुंह गर्भावस्‍था में अधिकतर समय बच्‍चेदानी का मुंह बंद ही रहता है लेकिन प्रेग्‍नेंसी बढ़ने पर यह लंबी और मुलायम होने लगती है। प्रेग्‍नेंसी के नौवें महीने में इसमें काफी बदलाव आता है। नौवें महीने से पहले बच्‍चेदानी का मुंह लगभग 4 से. मी लंबा होता है।

कैसे पता चलता है कि बच्चेदानी का मुंह खुला हुआ है?

बच्‍चेदानी का मुंह खुलने से पहले म्‍यूकस प्‍लग निकलता है। प्‍लग के बाहर आने पर आपको म्‍यूकस डिस्‍चार्ज होता है। इसके बाद बार-बार डिस्‍चार्ज होता है और गर्भाशय ग्रीवा नया प्‍लग बनाने की कोशिश करती है। म्‍यूकस प्‍लग निकलने का मतलब है कि कुछ ही घंटों में डिलीवरी होने वाली है।

बच्चेदानी को कैसे ठीक करें?

कीगल एक्सरसाइज (kegel exercise) करने से महिलाएं अपनी बच्चेदानी को मजबूत बना सकती हैं। कीगल एक्सरसाइज करने का सबसे आसान तरीका ये है कि एक जगह बैठकर अपने पेल्विक एरिया को खोलते हुए एक बार पैर फैलाएं और फिर से एक बार पैर चिपका लें। इस तरह लगातार ये करने से आप अपने यूटरस को मजबूत कर पाएंगे।