ललघद का अन्य नाम कौन सा नहीं है? - lalaghad ka any naam kaun sa nahin hai?

लल्ला योगेश्वरी
जन्म 1302
श्रीनगर से दक्षिण पूर्व एक गाँव में
मृत्यु 1392
कश्मीर
राष्ट्रीयता भारतीय
अन्य नाम लल्लेश्वरी
प्रसिद्धि कारण कश्मीरी कवयित्री, संत
धार्मिक मान्यता हिन्दू

लल्लेश्वरी या लल्ल-द्यद (1320-1392) के नाम से जाने जानेवाली चौदवहीं सदी की एक भक्त कवियित्री थी जो कश्मीर की शैव भक्ति परम्परा और कश्मीरी भाषा की एक अनमोल कड़ी थीं।[1][2] लल्ला का जन्म श्रीनगर से दक्षिणपूर्व मे स्थित एक छोटे से गाँव में हुआ था। वैवाहिक जीवन सु:खमय न होने की वजह से लल्ला ने घर त्याग दिया था और छब्बीस साल की उम्र में गुरु सिद्ध श्रीकंठ से दीक्षा ली।

कश्मीरी संस्कृति और कश्मीर के लोगों के धार्मिक और सामाजिक विश्वासों के निर्माण में लल्लेश्वरी का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।

काव्य[संपादित करें]

फूल चन्द्रा द्वारा लल्लेश्वरी के कुछ वाख का अनुवाद नीचे प्रस्तुत हैः

1

प्रेम की ओखली में हृदय कूटाप्रकृति पवित्र की पवन से।जलायी भूनी स्वयं चूसीशंकर पाया उसी से।।

2

हम ही थे, हम ही होंगेहम ही ने चिरकाल से दौर कियेसूर्योदय और अस्त का कभी अन्त नहीं होगाशिव की उपासना कभी समाप्त नहीं होगी।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • रूप भवानी
  • मीर सैय्यद अली हमदानी

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. M. G. Chitkara (1 January 2002). Kashmir Shaivism: Under Siege. APH Publishing. पपृ॰ 14–. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-7648-360-5.
  2. Barks, Coleman (1992). Naked Song. Maypop Books. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0961891645.

विस्तृत पठन[संपादित करें]

  • लल्ला योगेश्वरी, आनंद कौल, इंडियन ऐन्टीक्वायरी से पुनर्मुद्रण, भाग. L, LIX, LX, LXI, LXII.
  • लल्ला-वाक्यानि, सर जॉर्ज अब्राहम ग्रियरसन एवं डॉ॰ लियोनल डी.बार्नेट, डी.लिट, (आर.ए.एस. मोनोग्राफ, भाग XVII, लंदन 1920).ISBN 1-84664-701-0.
  • वाख लल्ला ईश्वरी, भाग I तथा II (उस्दु संस्करण :ए.के.वान्चू एवं अंग्रेज़ी : सर्वानंद चारगी, 1939).
  • Lal Ded by Jayalal Kaul, 1973, Sahitya Akademi, New Delhi.
  • The Ascent of Self: A Reinterpretation of the Mystical Poetry of Lalla-Ded by B. N. Parimoo, Motilal Banarsidass, Delhi. ISBN 81-208-0305-1.
  • Lal Ded: Her life and sayings by Nil Kanth Kotru, Utpal publications, Srinagar, ISBN 81-85217-02-5.
  • Lalleshwari : spiritual poems by a great Siddha yogini, by Swami Muktananda and Swami Laldyada. 1981, SYDA Foundation, ASIN: B000M1C7BC.
  • Lal Ded: Her life & sayings, by Swami Laldyada. Utpal Publications, 1989, ISBN 81-85217-02-5.
  • Naked Song, by Laldyada, Lalla, Coleman Barks (Translator), 1992, Maypop Books, ISBN 0-9618916-4-5. [1]
  • जयश्री ओडिन, To the other shore: Lalla's life and poetry. Hillsboro Beach: Vitasta (1999). ISBN 81-86588-06-X
  • जयश्री ओडिन, Mystical Verses of Lalla. Delhi: Motilal Banarsidass (2009)। ISBN 9788120832558
  • लल्लेश्वरी पर लेखों के संग्रह

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

  • कश्मीरी की आध्यात्मिक कवयित्री लल्लेश्वरी[मृत कड़ियाँ]
  • Lal Ded's Vakhs, Verses 1-65
  • Lal Ded's Vakhs, Verses 66-138 -->

ललद्यद का अन्य नाम कौन सा नही हैं?

कश्मीरी भाषा की लोकप्रिय संत कवयित्री ललद्यद का जन्म सन् 1320 के लगभग कश्मीर स्थित पाम्पोर के सिमपुरा गाँव में हुआ था। उनके जीवन के बारे में प्रामाणिक जानकारी नहीं मिलती। ललाद को लल्लेश्वरी, लला, ललयोगेश्वरी, ललारिफा आदि नामों से भी जाना जाता है

ललयद का अन्य नाम कौन सा नहीं है?

3. ललयद का अन्य नाम कौन-सा नहीं है ? (D) लला। उत्तर – लाली।

ललघद कौन है?

लल्लेश्वरी या लल्ल-द्यद (1320-1392) के नाम से जाने जानेवाली चौदवहीं सदी की एक भक्त कवियित्री थी जो कश्मीर की शैव भक्ति परम्परा और कश्मीरी भाषा की एक अनमोल कड़ी थीं। लल्ला का जन्म श्रीनगर से दक्षिणपूर्व मे स्थित एक छोटे से गाँव में हुआ था।

ललघद जी का जन्म कब हुआ था?

ललद्यद का जीवन परिचय : ललद्यद का जन्म 1320 के आस-पास कश्मीर स्थित पांपोर गांव में हुआ था। ललद्यद को लल्लेश्वरी, लला, ललयोगेश्वरी, ललारीफ़ा आदि नामों से भी जाना जाता है। वे चौदहवीं सदी की एक भक्त कवयित्री थी, जो कश्मीर की शैव-भक्ति परम्परा और कश्मीरी भाषा की एक अनमोल कड़ी मानी जाती हैं।